जयपुर: राजस्थान की राजनीति में इन दिनों बयानों के तीर खूब चल रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे द्वारा एक जनसभा में कही गई कुछ बातों ने सियासी गलियारों में नई बहस छेड़ दी है। जहाँ विपक्ष इसे उनके 'पद खोने के दर्द' से जोड़ रहा है, वहीं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के एक दोहे ने मामले में नया मोड़ ला दिया है।
क्या था विवादित बयान?
झालावाड़ के मनोहर थाना में एक जनसंपर्क यात्रा के दौरान वसुंधरा राजे ने स्थानीय समस्याओं (पेंशन, मुआवजा, घर निर्माण) पर बात करते हुए कहा:
"मेरे साथ भी ऐसा ही होता है, मैं तो अपने लिए भी कुछ नहीं कर पाई। मैंने अपना सब कुछ खो दिया, मैं खुद को भी नहीं बचा पाई।"
सोशल मीडिया पर यह वीडियो वायरल होते ही कयास लगाए जाने लगे कि राजे मुख्यमंत्री पद न मिलने की टीस जाहिर कर रही हैं।
विरोधियों की चुटकी और अखिलेश-गहलोत का साथ
जयपुर दौरे पर आए उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से जब इस बारे में पूछा गया, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, "अगर वसुंधरा जी मुख्यमंत्री होतीं, तो शायद काम और बेहतर होता।" इस मौके पर राजस्थान के पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने भी अखिलेश की बात का समर्थन किया।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का 'मारवाड़ी दोहा'
बीकानेर में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने वसुंधरा राजे के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह पार्टी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं और उनके सभी काम हो रहे हैं। उन्होंने मारवाड़ी में एक दोहा सुनाया:
"चिट्ठी (रोटी) चूर-चूर करे, मांगे दाल और घी। मोदी से कौन झगड़ा करे, चिट्ठी खाने नाल।"
इस दोहे का सरल अर्थ है कि जो मिल रहा है उसी में संतोष करना चाहिए, क्योंकि 'मोदी' (नेतृत्व) से मुकाबला करना मुमकिन नहीं है। राजनीतिक विश्लेषक इस दोहे को एक बड़े संदेश के रूप में देख रहे हैं।
वसुंधरा राजे की सफाई: "मेरे बयान को गलत समझा गया"
विवाद गहराता देख वसुंधरा राजे ने स्पष्टीकरण जारी किया। उन्होंने इसे विरोधियों की साजिश बताते हुए कहा कि उनके बयान का संदर्भ पूरी तरह अलग था।
- घर बचाने का असली मामला: राजे ने बताया कि धौलपुर में उनके घर के सामने से जब नेशनल हाईवे निकला, तो नियमों के कारण उन्हें अपनी चारदीवारी हटानी पड़ी थी।
- उदाहरण का गलत अर्थ: उन्होंने जनता को उदाहरण दिया था कि जब वह नियम के चलते अपना खुद का घर नहीं बचा पाईं, तो वह सड़क निर्माण के दायरे में आने वाले दूसरों के घरों को नियम विरुद्ध कैसे बचा सकती हैं?

