1. सफेद चीनी (चीनी का मीठा जहर)
सफेद चीनी में केवल 'खाली कैलोरी' (Empty Calories) होती है और पोषण शून्य होता है। यह शरीर में इंसुलिन का स्तर बढ़ाती है और आंतों के स्वास्थ्य को बिगाड़ती है।
स्वस्थ विकल्प: गुड़, कच्चा शहद, खजूर या नारियल की चीनी (Coconut Sugar)।
2. सफेद मैदा (रिफाइंड आटा)
मैदा बनाने की प्रक्रिया में गेहूं के सभी जरूरी फाइबर और पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं। शरीर के अंदर जाकर मैदा चीनी की तरह व्यवहार करता है और मोटापे व कोलेस्ट्रॉल का कारण बनता है।
स्वस्थ विकल्प: चोकर युक्त आटा या मिलेट्स (बाजरा, रागी आदि)।
3. सफेद नमक (रिफाइंड साल्ट)
ज्यादातर घरों में इस्तेमाल होने वाले सफेद नमक से जरूरी मिनरल्स निकाल दिए जाते हैं और इसे सफेद बनाने के लिए रसायनों का प्रयोग होता है। यह हाई ब्लड प्रेशर का सबसे बड़ा कारण है।
स्वस्थ विकल्प: सेंधा नमक (Himalayan Pink Salt) या प्राकृतिक समुद्री नमक का सीमित उपयोग।
4. रिफाइंड तेल (सूजन का कारण)
सफेद रिफाइंड तेल को रसायनों के जरिए निकाला जाता है। डॉ. चोपड़ा के अनुसार, यह तेल शरीर में 'इन्फ्लेमेशन' यानी अंदरूनी सूजन पैदा करता है, जो धमनियों के लिए खतरनाक है।
स्वस्थ विकल्प: कोल्ड प्रेस्ड (कच्ची घानी) सरसों का तेल, नारियल तेल, मूंगफली का तेल या शुद्ध देसी घी।
5. पॉलिश्ड सफेद चावल
चमकदार दिखने वाले सफेद चावलों का ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) बहुत अधिक होता है, जिससे ब्लड शुगर तेजी से बढ़ता है। साथ ही पॉलिशिंग के कारण इसका पोषण खत्म हो जाता है।
स्वस्थ विकल्प: ब्राउन राइस, रेड राइस, ब्लैक राइस या हाथ से कुटा हुआ (Unpolished) चावल।
डॉक्टर की विशेष टिप
हृदय को लंबे समय तक जवान और स्वस्थ रखने के लिए प्रोसेस्ड फूड से दूरी बनाएं और जितना हो सके प्राकृतिक और अनरिफाइंड खाद्य पदार्थों को अपनी थाली में जगह दें।

