साजिश और वारदात का तरीका
फरियादी आभास रमेश मूंगड़ ने बताया कि उनके दादा ओमप्रकाश मूंगड़ बीमार हैं और बिस्तर पर हैं। उनकी देखरेख के लिए रखे गए केयरटेकर 'यश' ने रविवार दोपहर करीब 3:30 बजे एक सोची-समझी साजिश को अंजाम दिया:
नशीला पेय: आरोपी ने जूस में बेहोशी की दवा मिलाकर बुजुर्ग ओमप्रकाश और घरेलू सहायक दिलीप सिंह को पिला दी।
लूट: दोनों के अचेत होते ही आरोपी ने घर में रखे करीब 200 ग्राम वजनी सोने के आभूषण (ब्रेसलेट और चेन) समेटे और रफूचक्कर हो गया।
खुलासा: करीब दो घंटे बाद जब पीड़ितों को होश आया, तब घर में हड़कंप मचा और पुलिस को सूचना दी गई।
फर्जी दस्तावेजों के सहारे दिया चकमा
पुलिस जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं जिससे पता चलता है कि आरोपी एक पेशेवर अपराधी हो सकता है:
पहचान का संकट: घर से जो आधार कार्ड मिला, उसमें नाम 'यश बंसल' निवासी फिरोजाबाद (यूपी) अंकित है, लेकिन प्रारंभिक जांच में आधार और मोबाइल सिम दोनों फर्जी पाए गए हैं।
सुनियोजित योजना: आरोपी ने वारदात से एक दिन पहले घर की पूरी 'रेकी' की थी। घटना के दिन वह बाहर जाकर नशीला पदार्थ लाया और मौका मिलते ही वारदात कर दी।
एजेंसी की भूमिका पर सवाल
मूंगड़ परिवार ने जस्ट डायल के माध्यम से 'ज्योति हेल्थ केयर' नामक एजेंसी से संपर्क किया था।
पुराने केयरटेकर के अवकाश पर जाने के कारण एजेंसी संचालक उमरासिंह ने यश को भेजा था।
घटना के बाद से एजेंसी संचालक का फोन भी बंद आ रहा है, जिससे एजेंसी की कार्यप्रणाली और वेरिफिकेशन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
पुलिस कार्रवाई और सीसीटीवी फुटेज
द्वारकापुरी थाना पुलिस को सीसीटीवी फुटेज मिले हैं, जिसमें आरोपी स्कीम-71 रिंग रोड की तरफ भागता दिखाई दे रहा है।
तकनीकी जांच: पुलिस साइबर सेल की मदद से आरोपी की लोकेशन ट्रेस करने की कोशिश कर रही है।
संदिग्ध: पुलिस को एक अन्य संदिग्ध के भी इस गिरोह में शामिल होने का अंदेशा है, जिसकी लोकेशन लगातार बदल रही है।

