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अप्रैल में बदला मौसम: मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ सहित कई राज्यों में ओलावृष्टि व भारी बारिश की चेतावनी, किसानों को सतर्क रहने की सलाह।

Sunday, 5 April 2026 | April 05, 2026 WIB Last Updated 2026-04-05T09:04:23Z

अक्षय भारत : 04 अप्रैल 2026 
उत्तर भारत में अप्रैल के प्रारंभ में ही मौसम ने करवट ली है। पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के चलते मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, यूपी, राजस्थान और दिल्ली-एनसीआर सहित विभिन्न क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ ओले और भारी बारिश दर्ज की जा रही है। बेमौसम की इस मार ने काश्तकारों की मुश्किलों में इजाफा कर दिया है।

महीने भर बना रहेगा मौसम का प्रभाव  
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, अप्रैल के दौरान वर्षा का दौर रुक-रुक कर चलता रहेगा। अनुमान है कि दो-तीन दिनों की राहत के बाद आंधी और बारिश की वापसी होती रहेगी। हिमालयी क्षेत्रों में निरंतर सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण नमी बढ़ रही है, जिसका सीधा असर मैदानी राज्यों के मौसम में उतार-चढ़ाव के रूप में दिख रहा है।

इन इलाकों में आज वर्षा और ओलों की आशंका 
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, आज छत्तीसगढ़ के साथ-साथ पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी यूपी और दिल्ली-NCR में हल्की से भारी बारिश व ओलावृष्टि हो सकती है। खासतौर पर दोपहर के बाद और शाम के वक्त गरज-चमक के साथ तेज बौछारें पड़ने के आसार हैं।

मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ में कुदरत का कहर: ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी 
चक्रवाती गतिविधियों के कारण मध्य प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में 7 अप्रैल तक मौसम खराब रहने की चेतावनी दी गई है। उधर, छत्तीसगढ़ में भी अगले एक दिन के दौरान वज्रपात (आकाशीय बिजली) और धूल भरी आंधी के साथ बारिश का अंदेशा जताया गया है। प्रशासन ने लोगों को खराब मौसम में सतर्क रहने की सलाह दी है।

अन्नदाता पर कुदरत की मार: ओलों ने छीनी किसानों की मुस्कान 
बेमौसम ओलावृष्टि से हरियाणा और यूपी के किसानों को भारी क्षति उठानी पड़ी है। भिवानी से लेकर सोनीपत तक गेहूं और सरसों की फसल को आधा नुकसान पहुंचने का अनुमान है। उत्तर प्रदेश के भी कई हिस्सों में आलू और गेहूं की फसलें प्रभावित हुई हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने जल्द से जल्द नुकसान की रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं।

60 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं: IMD का बड़ा अलर्ट 
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 5 अप्रैल तक के लिए एक चेतावनी जारी की है, जिसमें 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने और वज्रपात (बिजली गिरने) की आशंका जताई गई है। मौसम के इस बदलते रुख की वजह से तापमान में भी 3 से 5 डिग्री सेल्सियस की कमी दर्ज की गई है।

अन्नदाताओं को सलाह: अभी न करें सिंचाई और दवाओं का छिड़काव
खराब मौसम की चेतावनी के बीच किसान अपनी कटी हुई उपज को सुरक्षित करने के लिए फिलहाल खेतों में पानी न लगाएं और न ही किसी दवा का छिड़काव करें। 6 अप्रैल के बाद ही मौसम के पूरी तरह खुलने के आसार हैं।