नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी के दिग्गज नेता और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने स्पष्ट किया है कि उनकी पार्टी की नीति किसी धर्म विशेष के विरुद्ध नहीं, बल्कि अवैध रूप से देश में आने वालों के खिलाफ है। एक हालिया साक्षात्कार में गडकरी ने जोर देकर कहा कि भाजपा 'सबका साथ' के सिद्धांत पर चलती है और समावेशिता ही पार्टी का असली मूलमंत्र है।
बंगाल और असम में जीत का भरोसा
आगामी चुनावों पर चर्चा करते हुए गडकरी ने विश्वास जताया कि असम और पश्चिम बंगाल दोनों ही राज्यों में भाजपा का प्रदर्शन शानदार रहेगा।
उन्होंने कहा:
"हमारा उद्देश्य विकास है, भेदभाव नहीं। भाजपा किसी भी जाति, भाषा या मजहब के खिलाफ नहीं है। हम संविधान सम्मत अधिकारों के रक्षक हैं। हमारी लड़ाई घुसपैठियों से है, मुसलमानों से नहीं।"
ममता बनर्जी के 'धांधली' वाले आरोपों का जवाब
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार पर 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (SIR) के जरिए चुनावी धांधली का आरोप लगाया था। इन दावों को खारिज करते हुए गडकरी ने कहा कि सरकार की हर नीति का आधार 'राष्ट्रहित' होता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय सुरक्षा और हित से जुड़े मुद्दों पर राजनीति नहीं होनी चाहिए।
विकास और शासन ही मुख्य चुनावी एजेंडा
गडकरी ने बंगाल की राजनीतिक स्थिति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि वहां की जनता अब बदलाव चाहती है। हालांकि उन्होंने माना कि मुकाबला कड़ा है, लेकिन भाजपा का पूरा ध्यान इन्फ्रास्ट्रक्चर (बुनियादी ढांचे) में निवेश और सुशासन पर केंद्रित है। उन्होंने दोहराया कि 'विविधता में एकता' भारतीय संस्कृति का सार है और उनकी पार्टी इसी का अनुसरण करती है।

