मोबाइल फोन से मिला सुराग
राजेंद्र नगर के एक वीरान मैदान में दो दिन पहले एक अज्ञात व्यक्ति का क्षत-विक्षत शव मिला था। हमलावरों ने मृतक की पहचान मिटाने के लिए उसका चेहरा ईंटों से कुचल दिया था।
अहम कड़ी: पुलिस को मौके से बिना सिम वाले दो पुराने कीपैड मोबाइल मिले।
पहचान: साइबर सेल की मदद से जब इन फोनों की जांच हुई, तो मृतक की पहचान सागर जिले के रहने वाले गोलू उर्फ कृष्ण कुमार अहिरवार के रूप में हुई।
'भूतों का डर' और खूनी साजिश
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी विकास को बैतूल से गिरफ्तार किया। पूछताछ में जो सच सामने आया, वह हैरान करने वाला था:
अंधविश्वास का जाल: विकास को शक था कि गोलू ने उस पर 'तंत्र-मंत्र' कर दिया है। उसने पुलिस को बताया कि इस तांत्रिक क्रिया की वजह से उसे भूत दिखते थे और उसकी दिमागी हालत खराब हो रही थी।
शराब और विवाद: घटना वाली शाम सभी मजदूर शराब पी रहे थे। नशे की हालत में विकास का गोलू से विवाद हुआ और डर व गुस्से में उसने गोलू के सिर पर भारी ईंट से हमला कर दिया।
सबूत मिटाने की कोशिश: हत्या के बाद विकास और उसके दो साथियों (भूरा और कृष्णा) ने मिलकर मृतक का चेहरा कुचल दिया ताकि पुलिस उसे पहचान न सके।
कानून की गिरफ्त में आरोपी
डीसीपी कृष्ण लालचंदानी के अनुसार, पुलिस ने विकास, भूरा और कृष्णा को गिरफ्तार कर लिया है। तीनों ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है और फिलहाल वे पुलिस रिमांड पर हैं।

